यात्रा वर्णन बाद मे चित्र क्रमशः जारी
सडक का द्र्ष्य
सडक का द्र्ष्य

एक कुत्ते का बच्चा पोज देता हुआ, जिसके गले में रुद्राछ माला भी थी, मेरे साथ गये विशाल ने कहा कि ये बड़ा होकर माँडल बन कर अपने बाप क न रौशन करेगा

म


कैमरे की नज़र में जो आया




Posted by mahashakti at 8:14 AM
Labels: अर्ध कुम्भ
1 comments:
:)
स्नान ध्यान कुछ किया कि बस फोटो ही उतारते रहे. हमारी तरफ से कितनी डुबकी लगाई गई. जरा ब्यौरा भिजवाया जाये.
:)
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